उत्तर कोरिया की धमकी- कोई बैन हमें रोक नहीं सकता, अमेरिका गलती कर रहा है
बयान में कहा गया, "अमेरिका अगर सोचता है कि वह उत्तर कोरिया को डरा सकता है, तो वह बहुत बड़ी भूल कर रहा है।"

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उत्तर कोरिया ने रविवार (3 सितंबर) को सफलतापूर्वक एक हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया था, जिसे अंतरमहाद्विपीय बैलिस्टिक मिसाइल के जरिए दागा जा सकता है। उत्तर कोरिया का दावा है कि यह अधिक विकसित परमाणु अस्त्र है और किसी भी अन्य परमाणु बम से कहीं ज्यादा प्रभावशाली है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, बम की क्षमता 1945 में जापान हुए हमले से करीब 6 गुना ज्यादा है। इस घटनाक्रम के बाद परमाणु युद्ध की आशंकाएं बलवती हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर उत्तर कोरिया के इन शब्दों और गतिविधियों को अमेरिका के लिए शत्रुतापूर्ण और खतरनाक करार दिया था। अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ती तनातनी और उसमें विश्व के बाकी देशों की संलिप्तता डरा रही है। अगर किसी भी सूरत में परमाणु बम दागा जाता है तो लाखों-करोड़ों जिंदगियां फिर तबाह होंगी, जैसे 6 अगस्त 1945 को जापान पर परमाणु हमले के बाद हुई थीं। (All Photos By: Hiroshima Peace Memorial Museum, US Army, AP)
उत्तर कोरिया ने बुधवार को एक बार फिर अपना अड़ियल रुख दिखाते हुए कहा कि चाहे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय उस पर कितने ही प्रतिबंध लगा दें, वह अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा। समाचार एजेंसी एफे न्यूज के मुताबिक, उसने तनाव बढ़ाने और परमाणु खतरे के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। उत्तर कोरिया की सरकारी एजेंसी केसीएनए ने मंगलवार देर शाम देश के विदेश मंत्रालय की ओर से बयान जारी किया। बयान में कहा गया, “अमेरिका अगर सोचता है कि वह टेबल पर मौजूद सभी विकल्पों के बारे में बात करके और कड़े प्रतिबंध लागू करके व दबाव बनाकर उत्तर कोरिया को डरा सकता है, तो वह बहुत बड़ी भूल कर रहा है।” व्यक्तव्य में सोमवार को हुई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक और उसकी सद्भावना दूत निक्की हेली के उस अनुरोध का भी जिक्र किया गया, जिसमें उन्होंने उत्तर कोरिया के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों वाले नए प्रस्ताव का अपनाने का आग्रह किया है। नए प्रतिबंधों के बारे में उत्तर कोरिया ने कहा कि वह इन कड़े प्रतिबंधों और दबाव का जवाब अमेरिका को आक्रामक रुख से देगा और सभी भयावह परिणामों के लिए वह (अमेरिका) जिम्मेदार होगा। उत्तर कोरिया ने रविवार को किए गए हाइड्रोजन बम के परीक्षण को लेकर कहा कि किसी को भी इस परीक्षण को लेकर बतंगड़ बनाने का अधिकार नहीं है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने मंगलवार को उत्तरी कोरिया के खिलाफ और अधिक कड़े प्रतिबंधों को लगाए जाने का विरोध किया। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नौवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद पुतिन ने संवाददाताओं से कहा, “इस स्थिति में महज किसी भी प्रतिबंध का सहारा लेना बेकार और निष्प्रभावी होगा।” उन्होंने कहा कि यह सब एक वैश्विक तबाही और पीड़ितों की एक बड़ी संख्या का कारण बन सकता है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ने सभी संबंधित पक्षों फिर से बातचीत के लिए आगे आने का आग्रह किया। पुतिन ने कहा, “यह आवश्यक है कि सभी इच्छुक दलों के बीच इस मुद्दे को आगे बढ़ाकर संवाद की शक्ल दी जाए। इस प्रक्रिया में उत्तर कोरिया समेत सभी प्रतिभागियों का ऐसा कोई विचार नहीं होना चाहिए जो विनाश के खतरे से जुड़ा हुआ हो। इसके विपरीत सभी पक्षों को सहयोग के रास्ते पर पहुंचना चाहिए।”
*सादर अनुरोध*


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