डॉ. हेमलता को मिला डॉ जगदीश चंद्र बोस एवार्ड
इलाहाबाद। किसानों की आय को लेकर लगातार शोध करने वाली झूसी इलाहाबाद की युवा वैज्ञानिक डॉ. हेमलता पंत को डॉ जगदीश चंद्र बोस एवार्ड से नवाज़ गया है। यह सम्मान कृषि तथा पर्यावरण जैव प्रौद्योगिकी की उपादेयता के लिए जैव प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्ली ने दिया है।
हालांकि सोसाइटी ऑफ़ बायोलॉजिकल साइंसेज एंड रूरल डेबलपमेंट की सचिव डॉ हेमलता पंत को हिंदी ग्रंथ की श्रेणी में डॉ जगदीश चंद्र बोस हिंदी ग्रन्थ लेखन में तृतीय पुरस्कार हांसिल हुआ है जिसके तहत प्रशस्तिपत्र के साथ पच्चीस हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी गई है।
गौरतलब हो कि डॉ पंत कई किताबें लिख चुकी हैं , उनकी किताबें किसानों की उन्नत खेती के साथ साथ कैसे उनकी आय बढे उस पर आधारित रहती है , इसके अलावां मशरूम कृषि सम्बंधित किताबें किसानों को फायदा पंहुचा रही हैं
डॉ. पंत ने एक वार्ता में बताया की यह पुरस्कार उन्हें नई ऊर्जा देगा। इसके साथ ही नई पीढ़ी को कृषि की प्रोत्साहन। अब और मेहनत से किसानों की तरक्की के लिए शोध करती रहेंगी। डॉ हेमलता पंत ने कहा कि आज पर्यावरण को बचाने के लिए कृषि में जैव तकनिकी को बढ़ावा देने की जरुरत है। उनकी किताब में कैसे किसान जैव प्रक्रिया को अपना कर अच्छी फसल पैदा कर सकते हैं और कैसे पर्यावरण को बचा कर वातावरण को स्वच्छ रखा जा सकता है इसका जिक्र है।
हालांकि सोसाइटी ऑफ़ बायोलॉजिकल साइंसेज एंड रूरल डेबलपमेंट की सचिव डॉ हेमलता पंत को हिंदी ग्रंथ की श्रेणी में डॉ जगदीश चंद्र बोस हिंदी ग्रन्थ लेखन में तृतीय पुरस्कार हांसिल हुआ है जिसके तहत प्रशस्तिपत्र के साथ पच्चीस हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी गई है।
गौरतलब हो कि डॉ पंत कई किताबें लिख चुकी हैं , उनकी किताबें किसानों की उन्नत खेती के साथ साथ कैसे उनकी आय बढे उस पर आधारित रहती है , इसके अलावां मशरूम कृषि सम्बंधित किताबें किसानों को फायदा पंहुचा रही हैं
डॉ. पंत ने एक वार्ता में बताया की यह पुरस्कार उन्हें नई ऊर्जा देगा। इसके साथ ही नई पीढ़ी को कृषि की प्रोत्साहन। अब और मेहनत से किसानों की तरक्की के लिए शोध करती रहेंगी। डॉ हेमलता पंत ने कहा कि आज पर्यावरण को बचाने के लिए कृषि में जैव तकनिकी को बढ़ावा देने की जरुरत है। उनकी किताब में कैसे किसान जैव प्रक्रिया को अपना कर अच्छी फसल पैदा कर सकते हैं और कैसे पर्यावरण को बचा कर वातावरण को स्वच्छ रखा जा सकता है इसका जिक्र है।

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