त्रिशला फाउंडेशन की रंग लाई मेहनत, केन्याई और मलावी दमपत्ति हुऐ खुश .
इलाहाबाद. त्रिशला फाउंडेशन में सेरेब्रल पल्सी से पीड़ित बच्चों का सफल इलाज होता है , जिसमें वाकिंग , स्पीच थेरेपी , फिजियो थेरेपी यहां तक कि आपरेशन आदि से बच्चों को जिन्दगी दी जाती है .
सेरेब्रल पल्सी में नवजात बच्चे जन्म से विकलांग होते हैं , जैसे वे बोल नहीं सकते , उनके हाथ पैर टेढ़े हो जाते हैं , चल नहीं पाते , क्रीपी हो जाते हैं , छोटे बड़े हाथ पैर होना या सिर आकार से बड़ा आदि होता है .
डा. जैन की त्रिसला फाउंडेशन में देश विदेश से बच्चे आते हैं . हाल ही में अफ्रीकी महाद्वीप के केन्या और मलावी के दो बच्चों का सफल इलाज हुआ . बच्चों के पैरेंट नें खुद प्रशिक्षण लिया और अपने देश मे त्रिशला फाउंडेशन का ब्रांच खोलने का वायदा किया और अपने अपने दुतावास को पत्र लिखा .
केन्या से आए निकोलस की सात साल की लड़की रेंग कर चलती थी लेकिन चीन महीने में आज कुछ शब्द बोल लेती है , वाकर से चल लेती है, सुन सकती है , निकोलस नें बताया कि वे बहुत ही खुश हैं और डा. जैन का इलाज करवाते रहेंगे .
मलावी से आये गंगा नें बताया कि वे परिवार के साथ पवित्र गंगा नदी में नहा भी चुके हैं , लेकिन उनकी लड़की के घुटने जहां पूरी तरह से मुड़े थे वो बिना सहारे के चल नहीं पाती थी आज वो आपरेशन के बाद चल सकती है .
डा. जैन ने कहा कि सरकार को सेरेब्रल पल्सी के बारे में सबको जागरूक करना चाहिए और अगर जरूरत पड़ी तो वे केन्या और अन्य अफ्रीकी देशों में त्रिशला फाउंडेशन का ब्रांच खोलेंगे
सेरेब्रल पल्सी में नवजात बच्चे जन्म से विकलांग होते हैं , जैसे वे बोल नहीं सकते , उनके हाथ पैर टेढ़े हो जाते हैं , चल नहीं पाते , क्रीपी हो जाते हैं , छोटे बड़े हाथ पैर होना या सिर आकार से बड़ा आदि होता है .
डा. जैन की त्रिसला फाउंडेशन में देश विदेश से बच्चे आते हैं . हाल ही में अफ्रीकी महाद्वीप के केन्या और मलावी के दो बच्चों का सफल इलाज हुआ . बच्चों के पैरेंट नें खुद प्रशिक्षण लिया और अपने देश मे त्रिशला फाउंडेशन का ब्रांच खोलने का वायदा किया और अपने अपने दुतावास को पत्र लिखा .
केन्या से आए निकोलस की सात साल की लड़की रेंग कर चलती थी लेकिन चीन महीने में आज कुछ शब्द बोल लेती है , वाकर से चल लेती है, सुन सकती है , निकोलस नें बताया कि वे बहुत ही खुश हैं और डा. जैन का इलाज करवाते रहेंगे .
मलावी से आये गंगा नें बताया कि वे परिवार के साथ पवित्र गंगा नदी में नहा भी चुके हैं , लेकिन उनकी लड़की के घुटने जहां पूरी तरह से मुड़े थे वो बिना सहारे के चल नहीं पाती थी आज वो आपरेशन के बाद चल सकती है .
डा. जैन ने कहा कि सरकार को सेरेब्रल पल्सी के बारे में सबको जागरूक करना चाहिए और अगर जरूरत पड़ी तो वे केन्या और अन्य अफ्रीकी देशों में त्रिशला फाउंडेशन का ब्रांच खोलेंगे


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