गौरी लंकेश की हत्या पर बोले रवीश कुमार- कल मेरी भी हालत खराब थी, घरवाले कहते हैं बोलना छोड़ दीजिए
पत्रकार गौरी लंकेश हत्या मामले में वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार से इंडियन एक्सप्रेस ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में बातचीत की।


वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार। (फाइल फोटोट)
मंगलवार (पांच सितंबर) रात करीब आठ बजे कुछ लोगों ने पत्रकार गौरी लंकेश की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। उन्होंने अपने कन्नड़ साप्ताहिक पत्रिका में पिछले तीन महीनों में केंद्र सरकार और उसके नेताओं की आलोचना में कम से कम आठ लेख प्रकाशित किए थे। लंकेश ने अपने आखिरी साप्ताहिक स्तम्भ में गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बच्चों की मौत और डॉक्टर कफील खान को हटाए जाने के खिलाफ लिखा था। दूसरी तरफ पत्रकार और एक्टिविस्ट गौरी लंकेश ने पिछले चौबीस घंटों में अपने ट्विटर और फेसबुक पर रोहिंग्या मुसलमानों, नोटबंदी के नुकसान, भारतीय अभिभावकों को समलैंगिकता के बारे में जागरूक करने वाले यूट्यूब वीडियो और केंद्र की नरेंद्र मोदी की आलोचना से जुड़े पोस्ट किए थे।
वहीं पत्रकार गौरी लंकेश हत्या मामले में वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार से इंडियन एक्सप्रेस ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में बातचीत की। बातचीत में रवीश ने कहा, ‘मैं जो बोलता हूं उसे बोलने से मुझे डर नहीं लगता। जो लोग आयकर विभाग और सीबीआई के दम पर सरकार चलाते हैं डर उन्हें भी लगता होगा। बहुत सारे मुद्दों पर उनकी भी हालत खराब हो जाती होगी। कल मेरी भी हालत खराब थी। इस डर से मेरे आसपास के लोग कहते हैं कि बोलना छोड़ दीजिए। ऐसा क्या है जिसे भारत की जनता बर्दाश्त नहीं कर सकती। सरकार ने अपनी सारी शक्तियों को आउट सोर्स कर दिया है। पहले जब कोई बड़ा नेता होता था तो उसपर कोई दाग नहीं होता था। गंदा काम तो बाहुबली लोग कर लेते थे। यही आजकल के बाहुबली हैं जिनमें एंकर हैं। ये दस बारह एंकर आज बाहुबली की भूमिका निभा रहे हैं। सोशल मीडिया में इनके इतने समर्थक है जो किसी के मरने पर भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।’
पत्रकार रवीश ने आगे कहा कि जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फॉलो करते हैं वो पत्रकार की मौत पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल करता है। पत्रकार को ऐसे लोगों के खिलाफ लिखते रहना पड़ेगा। लेकिन आज दस बारह एंकर्स ने लोगों की आवाज को दबा दिया। गौरतलब है कि बातचीत में रवीश ने मीडिया को गोदी मीडिया का नाम दिया जो कथित तौर पर किसी व्यक्ति विशेष के लिए काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आज खबरों की चाल बदल गई है। सीधे कहने की बजाए हम दाएं-बाएं बोल रहे हैं।
*प्रातःकाल एक्सप्रेस से जुड़ने के लिए आप हमें ट्विटर पर भी फालो कर सकते हैं-*
*देश दुनियां की सभी प्रमुख खबरें सबसे पहले पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें*
*गूगल प्लस पर खबरें देखने के लिए जुड़ें हम से*
*यू ट्यूब पर खबरें देखने के लिए हमारा चैनल सब्सक्राइब करें-*

मंगलवार (पांच सितंबर) रात करीब आठ बजे कुछ लोगों ने पत्रकार गौरी लंकेश की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। उन्होंने अपने कन्नड़ साप्ताहिक पत्रिका में पिछले तीन महीनों में केंद्र सरकार और उसके नेताओं की आलोचना में कम से कम आठ लेख प्रकाशित किए थे। लंकेश ने अपने आखिरी साप्ताहिक स्तम्भ में गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बच्चों की मौत और डॉक्टर कफील खान को हटाए जाने के खिलाफ लिखा था। दूसरी तरफ पत्रकार और एक्टिविस्ट गौरी लंकेश ने पिछले चौबीस घंटों में अपने ट्विटर और फेसबुक पर रोहिंग्या मुसलमानों, नोटबंदी के नुकसान, भारतीय अभिभावकों को समलैंगिकता के बारे में जागरूक करने वाले यूट्यूब वीडियो और केंद्र की नरेंद्र मोदी की आलोचना से जुड़े पोस्ट किए थे।
वहीं पत्रकार गौरी लंकेश हत्या मामले में वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार से इंडियन एक्सप्रेस ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में बातचीत की। बातचीत में रवीश ने कहा, ‘मैं जो बोलता हूं उसे बोलने से मुझे डर नहीं लगता। जो लोग आयकर विभाग और सीबीआई के दम पर सरकार चलाते हैं डर उन्हें भी लगता होगा। बहुत सारे मुद्दों पर उनकी भी हालत खराब हो जाती होगी। कल मेरी भी हालत खराब थी। इस डर से मेरे आसपास के लोग कहते हैं कि बोलना छोड़ दीजिए। ऐसा क्या है जिसे भारत की जनता बर्दाश्त नहीं कर सकती। सरकार ने अपनी सारी शक्तियों को आउट सोर्स कर दिया है। पहले जब कोई बड़ा नेता होता था तो उसपर कोई दाग नहीं होता था। गंदा काम तो बाहुबली लोग कर लेते थे। यही आजकल के बाहुबली हैं जिनमें एंकर हैं। ये दस बारह एंकर आज बाहुबली की भूमिका निभा रहे हैं। सोशल मीडिया में इनके इतने समर्थक है जो किसी के मरने पर भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।’
पत्रकार रवीश ने आगे कहा कि जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फॉलो करते हैं वो पत्रकार की मौत पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल करता है। पत्रकार को ऐसे लोगों के खिलाफ लिखते रहना पड़ेगा। लेकिन आज दस बारह एंकर्स ने लोगों की आवाज को दबा दिया। गौरतलब है कि बातचीत में रवीश ने मीडिया को गोदी मीडिया का नाम दिया जो कथित तौर पर किसी व्यक्ति विशेष के लिए काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आज खबरों की चाल बदल गई है। सीधे कहने की बजाए हम दाएं-बाएं बोल रहे हैं।
*सादर अनुरोध*


*प्रातःकाल एक्सप्रेस का मोबाइल ऐप डाउनलोड करें और पाएं देश दुनियां की सभी प्रमुख खबरें अपने मोबाइल पर*






.Download this amazing app.Linkhttps://play.google. com/store/apps/details?id= info.pratahkal.express
.Download this amazing app.Linkhttps://play.google.
No comments