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उत्‍तर मध्‍य रेलवे : गाजियाबाद-मुगलसराय खण्‍ड पर ट्रेन प्रोटेक्‍शन वार्निंग सिस्‍टम की स्‍थापना पर चर्चा

बैठक में गाजियाबाद-मुगलसराय खण्‍ड पर ट्रेन प्रोटेक्‍शन वार्निंग सिस्‍टम की स्‍थापना पर चर्चा हुई। ट्रेन प्रोटेक्‍शन वार्निंग सिस्‍टम के लग जाने से कोहरे के दौरान खराब दृश्‍यता की स्थिति में लोकोपायलेट को सिग्‍नल की स्थिति की जानकारी लोकोमोटिव कैब में ही हो जायेगी, इसका एक अन्‍य लाभ यह भी है  कि यदि गाडी की गति सिग्‍नल के अनुरूप निर्धारित गति से अधिक है तो आटोमैटिकली ब्रेक लग जायेगें। इसके अतिरिक्‍त सामान उतारने के उपरान्‍त वैगन के गेटों को सही प्रकार से बन्‍द करने निरिरक्षणों के दौरान मिली कमियों के निराकरण एवं सेफ्टी ऑडिट जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। बैठक का समापन  महाप्रबन्‍धक महोदय द्वारा रेलवे की संरक्षा से जुडे कार्यो में शार्टकट से बचने की चेतावनी दी गई । उन्‍होने कहा कि रेलवे की कार्य प्रणाली में दुर्घटनाएं अधिकांशत: मल्‍टी प्‍वाइंट फेलियर एवं शार्टकट अपनाने से होती हैं, इनसे बचना चाहिए। 


इलाहाबाद 2 सितम्‍बर 2017 : उत्‍तर मध्‍य रेलवे प्रधान कार्यालय के विन्‍ध्‍य सभागार में महाप्रबधक उत्‍तर मध्‍य रेलवे  एम.सी. चौहान की अध्‍यक्षता में संरक्षा/समय पालन साप्‍ताहिक बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में उत्‍तर मध्‍य रेलवे मुख्‍यालय के सभी प्रमुख विभागाध्‍यक्ष एवं वीडियों कॉन्‍फ्रेंसिंग के माध्‍यम से तीनो मण्‍डलों इलाहाबाद, आगरा एवं झांसी के मण्‍डल रेल प्रबंधक सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का आरम्‍भ अध्‍यक्ष रेलवे बोर्ड महोदय द्वारा संरक्षा के सम्‍बन्‍ध में दिये गये निर्देशों पर चर्चा के साथ हुआ। महाप्रबन्‍धक उत्‍तर मध्‍य रेलवे निर्देशित किया कि  रेल मंत्री महोदय एवं अध्‍यक्ष रेलवे बोर्ड द्वारा दिये गये सभी निर्देशों का सम्‍पूर्ण पालन किया जाये। उन्‍होने कहा कि यद्यपि उत्‍तर मध्‍य रेलवे की सभी मानव रहित क्रॉसिंगो को माननीय रेल मंत्री द्वारा निर्धारित लक्ष्‍य के अनुसार एक वर्ष के अन्‍दर मानवयुक्‍त करना है या हटा देना है तथापि इस दौरान सभी मानव रहित क्रॉसिंगो पर गेटमित्रों की नियुक्ति कर दी जायेगी। उन्‍होने आगे कहा कि ट्रैक रिप्‍लेसमेन्‍ट एवं रिन्‍यूवल के कार्यो को गति दी जानी है।  इसी क्रम में बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पुराने सभी आईसीएफ डिब्‍बे जो भी मिडलाइफ रिहेबिलिटेशन के लिए जायेगें, उनमें सेन्‍ट्रल बफर कप्‍लर लगा दिये जायेगें।  महाप्रबन्‍धक  ने निर्देशित किया कि मण्‍डल के जो भी अधिकारी निरिक्षण के लिए फील्‍ड में जायें वो अपने मातहत ग्रासरूट कर्मियों से व्‍यक्तिगत कनेक्‍ट बनाये और उनके ज्ञान की वृद्यि और जमीनी स्थिति की जानकारी प्राप्‍त करें। स्‍टाफ वेलफेयर के सन्‍दर्भ में चर्चा करते हुए महाप्रबन्‍धक ने कहा कि सभी वेलफेयर  इंस्‍पेक्‍टर फील्‍ड में जायें, ग्राउण्‍ड लेवल स्‍टाफ के वास्‍तविक स्थिति को देखें उनकी समस्‍याओं को जानें और उनका निवारण करें। वेलफेयर इंस्‍पेक्‍टरों की गतिविधियों को मुख्‍य कार्मिक अधिकारी स्‍तर पर मानिटर किया जाये। इसी क्रम में उन्‍होने कहा कि गैंग-हट की स्थि‍ति में सुधार होना चाहिए, एसेट फेलियर घटने चाहिए एवं सही योजना और समन्‍वय के साथ ब्‍लाक समुचित आवश्‍यकता के अनुसार दिये जाने चाहिए ताकि इनका सही प्रयोग हो सके।

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