पहलू खान को श्रद्धांजलि दे रहे थे मुसलमान, हिंदू संगठनों ने रोका: धरने पर बैठे हर्ष मांदर
भारत माता की जय और वंदे मातरम का उद्घोष करते कुछ हिन्दू संगठनों के लोग वहां जमा हो गए और उन्हें श्रद्धांजलि देने से रोक दिया।
राजस्थान के बहरोड़ में शुक्रवार (15 सितंबर) को हिन्दू संगठनों और मुस्लिम समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से किसी प्रकार की कोई अनहोनी नहीं हुई। दरअसल, गौ तस्करी के आरोप में अप्रैल में भीड़ द्वारा मारे गए पहलू खान को मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग उसी स्थान पर श्रद्धांजलि देने आए थे जहां पहलू खान की पिटाई हुई था लेकिन हिन्दू संगठनों के लोगों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। एचटी मीडिया के मुताबिक जयपुर से एक बस में सवार होकर कारवां-ए-मोहब्बत के कुछ कार्यकर्ता पहलू खान को श्रद्धांजलि देने बहरोड़ पहुंचे थे लेकिन भारत माता की जय और वंदे मातरम का उद्घोष करते कुछ हिन्दू संगठनों के लोग वहां जमा हो गए और उन्हें श्रद्धांजलि देने से रोक दिया।
बता दें कि मंगलवार को ही राजस्थान पुलिस ने पहलू खान लिंचिंग केस में छह आरोपियों की क्लीन चिट दे दी थी। मरने से पहले पहलू खान ने पुलिस को दिए बयान में हमला करनेवालों में हुकुम चंद, नवीन शर्मा, जगमाल यादव, ओम प्रकाश, सुधीर और राहुल सैनी का नाम लिया था लेकिन पुलिस ने अपनी जांच में इन्हें निर्दोष पाया है। अलवर एसपी राहुल प्रकाश ने गुरुवार को कहा था कि छह आरोपियों पर घोषित किया गया 5 हजार रुपए का ईनाम भी वापस ले लिया गया है क्योंकि जांच में इन्हें दोषी नहीं पाया गया है।
इधर, कारवां-ए-मोहब्बत के लोगों के बहरोड़ में जमा होने के बाद पुलिस ने उस स्थान पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया जहां पहलू खान को गौरक्षकों ने पीटा था। सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक हर्ष मांदर ने एचटी मीडिया से कहा, “हमलोग यहां उन सभी लोगों के श्रद्धांजलि देने आए हैं जो नफरत वाले अपराध के शिकार हुए हैं।”
No comments